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खाट के पैंताने को खींचकर लगाई जाने वाली मूंज या सूत की रस्सी कहलाती है
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गाँव या नगर के बाहर कन्या पक्ष की ओर से की जाने वाली बारात की आगवानी कहलाती है
178
गूणी, बारियौ, गोसी, तेवणियो, घरलियौ, कीलियो आदि का सम्बन्ध है
उत्तर
कुएँ से रहँट/चड़स से परम्परागत तरीके से सिंचाई करने से
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गोबर या बाँस की खपच्चियों का बना अनाज भरने का कोठा है
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घोड़ों की चाल से उत्पन्न ध्वनि से आशय है
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चरने जाने वाली गायों का समूह कहलाता है
182
जमीन का छोटा खड्डा, जिसमें तापने के लिए आग रखी जाती है, कहलाता है
183
जैन साधुओं का काष्ठ पात्र कहलाता है
184
तलवार आदि का हत्था, स्त्रियों के गले का आभूषण है
185
धारदार हथियार को मांजने और उन पर शान चढ़ाने की क्रिया कहलाती है
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धोती पहनने का एक ढंग है
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नमाज पढ़ते समय बिछाने का वस्त्र कहलाता है
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नवागन्तुक वधू के प्रथम परिचय संबंधी एक रस्म जिसमें घर की सब स्त्रियाँ नव वधू के साथ भोजन करती हैं, कहलाती है
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नौकर आदि को दिया जाने वाला इनाम है
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परिपक्वावस्था में बाजरी का सिट्टा है
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पानी संग्रह करने का बड़ा कुण्ड या कोठा है
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पुरुषों का कमर से नीचे का वस्त्र है
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प्रसव के बाद खाया जाने वाला पौष्टिक पदार्थ और प्रसव के बाद स्वान शुद्धि तक का समय कहलाता है
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प्रसिद्ध डूँगरशाही ओढ़नियाँ है
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बच्चे को प्रथम बार अन्न चटाने की क्रिया है
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बैलगाड़ी के अग्रभाग का नुकीला हिस्सा है
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बोवाई के बाद, वर्षा होने से पहले उग जाने वाली (खरीफ की फसल को कहते हैं
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मकान बनाते समय लट्ठे (बल्ली-फंटे) बाँध कर बनाया जाने वाला चढ़ने-उतरने का रास्ता या मचान से आशय है
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महिलाओं की भुजा का आभूषण है
200
मिट्टी के बर्तन में तैयार की हुई अवैध शराब है