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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान के प्रमुख रीति-रिवाज, प्रथाएँ, परम्पराएँ, वेशभूषा, आभूषण एवं शब्दावली

788 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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176

खाट के पैंताने को खींचकर लगाई जाने वाली मूंज या सूत की रस्सी कहलाती है

177

गाँव या नगर के बाहर कन्या पक्ष की ओर से की जाने वाली बारात की आगवानी कहलाती है

178

गूणी, बारियौ, गोसी, तेवणियो, घरलियौ, कीलियो आदि का सम्बन्ध है

179

गोबर या बाँस की खपच्चियों का बना अनाज भरने का कोठा है

180

घोड़ों की चाल से उत्पन्न ध्वनि से आशय है

181

चरने जाने वाली गायों का समूह कहलाता है

182

जमीन का छोटा खड्डा, जिसमें तापने के लिए आग रखी जाती है, कहलाता है

183

जैन साधुओं का काष्ठ पात्र कहलाता है

184

तलवार आदि का हत्था, स्त्रियों के गले का आभूषण है

185

धारदार हथियार को मांजने और उन पर शान चढ़ाने की क्रिया कहलाती है

186

धोती पहनने का एक ढंग है

187

नमाज पढ़ते समय बिछाने का वस्त्र कहलाता है

188

नवागन्तुक वधू के प्रथम परिचय संबंधी एक रस्म जिसमें घर की सब स्त्रियाँ नव वधू के साथ भोजन करती हैं, कहलाती है

189

नौकर आदि को दिया जाने वाला इनाम है

190

परिपक्वावस्था में बाजरी का सिट्टा है

191

पानी संग्रह करने का बड़ा कुण्ड या कोठा है

192

पुरुषों का कमर से नीचे का वस्त्र है

193

प्रसव के बाद खाया जाने वाला पौष्टिक पदार्थ और प्रसव के बाद स्वान शुद्धि तक का समय कहलाता है

194

प्रसिद्ध डूँगरशाही ओढ़नियाँ है

195

बच्चे को प्रथम बार अन्न चटाने की क्रिया है

196

बैलगाड़ी के अग्रभाग का नुकीला हिस्सा है

197

बोवाई के बाद, वर्षा होने से पहले उग जाने वाली (खरीफ की फसल को कहते हैं

198

मकान बनाते समय लट्ठे (बल्ली-फंटे) बाँध कर बनाया जाने वाला चढ़ने-उतरने का रास्ता या मचान से आशय है

199

महिलाओं की भुजा का आभूषण है

200

मिट्टी के बर्तन में तैयार की हुई अवैध शराब है