राजस्थान GK One Liner Questions
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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : संगीत, नृत्य, नाट्य एवं वाद्ययंत्र

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176

‘नारों का स्वांग’ प्रसिद्ध है

177

‘रम्मत’ के मुख्य वाद्य हैं

178

अलवर व टोंक क्षेत्र में बजाया जाने वाला मेवों के भाटों का प्रमुख वाद्य है

179

आम की लकड़ी से बना ढप के लघु आकार का ताल वाद्य है

180

कर्कश प्रकृति का राग है

181

किसानों का प्रेरक गीत जो खेती आरम्भ करते समय गाया जाता है

182

कुचामनी ख्याल शैली के प्रवर्तक थे

183

ख्याल शैली के जयपुर घराने के प्रवर्तक माने जाते हैं

184

घड़ावण और वलावण संबंधित हैं

185

जैसलमेर जिले में पति के परदेस जाने पर उसके वियोग में गाए जाने वाले गीत कहलाते हैं

186

झालर, घड़ा, घुँघरू, लेजिम, घुरालियौ और रमझोल वाद्य हैं

187

तम्बूरा, वेणों और चौतारा नाम से जाना जाता है

188

धातु निर्मित घन वाद्य है

189

नाहटा की गुवाड़, वारह गुवाड़, दर्जियों की गुवाड़ स्थित है

190

निहालदे की कथा सुनाने वाले जोगी बजाते हैं

191

पाबूजी के पवाड़ों के गायन में प्रयुक्त लोक वाद्य है

192

पीतल व काँसे की मिश्रित धातु का गोलाकार वाद्य जिसको हमेशा जोड़े में बजाया जाता है

193

पीतल से बना सुषिर वाद्य जिसको रणभेरी भी कहते हैं

194

प्रतापगढ़ रियासत से सम्बन्ध रहा है

195

प्रसिद्ध संगीतकार पंडित भीमसेन जोशी सम्बन्धित हैं

196

प्रसिद्ध संगीतज्ञ घम्घे खुदाबख्श खां संबंधित हैं

197

प्रसिद्ध संगीतज्ञ हदू खां व हस्सू खां संबंधित हैं

198

फसल बोने के गीत को कहते हैं

199

बीछूड़ो लोकगीत का प्रचलन है

200

भगवान शिव का वाद्य माना जाता है