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201
यज्ञ, विवाह आदि की समाप्ति पर ब्राह्मणों को दी जाने वाली दक्षिणा कहलाती है
202
यज्ञाग्नि में घी इत्यादि की आहूति देने हेतु प्रयुक्त लकड़ी का चम्मच कहलाता है
203
रथ या बैलगाड़ी की मचान से आशय है
204
वह गठरी जिसमें वस्त्र या फुटकर सामग्री बांधी जाती है, कहलाती है
205
वह चूड़ी जिस पर सोने या चाँदी के पत्तर का बंद लगा हो, उसे कहते हैं
206
वांछित फल प्राप्ति की कामना से देवी-देवता को नैवेद्य चढ़ाने का किया हुआ संकल्प कहलाता है
207
विवाह में नाई द्वारा किया जाने वाला दस्तूर विशेष वह इस रस्म पर दिये जाने वाले नेग को कहते हैं
208
शवयात्रा में साथ ले जाने का मिट्टी का एक जलपात्र है
209
संबंधियों को संबोधित करते हुए व्यंग वचनों से गाये जाने वाले लोकगीत को कहते हैं
210
सामान रखने हेतु कमरे में ऊपर की ओर चौड़ाई में दीवार के सहारे लगाई गई पत्थर की शिला (पट्टी) कहलाती है
211
सूँठ की साड़ियाँ प्रसिद्ध हैं
212
स्त्रियों के पाँव का आभूषण है
213
स्त्रियों के सिर का आभूषण है
214
स्वर्णकारों का एक औजार है
215
अंगरखी का ग्रामीण भाषा में अन्य नाम है
216
अकाल पड़ने पर मवेशियों को चारा-पानी के लिए अन्य प्रदेश में ले जाना कहलाता है
217
अमरशाही नाम है
218
ओढ़ने का वस्त्र, दुपट्टा कहलाता है
219
कटार रखने की चमड़े की पेटी को कहते हैं
220
किसी देवता या पीर के सोने-चाँदी या पत्थर आदि पर खुदे पदचिह्न को कहते हैं
221
किसी लेख आदि का सारांश कहलाता है
222
केवड़ौ, कांमण, कोयलड़ी और खटमल हैं
223
कोल्हू के बैल की आँखों पर बाँधा जाने वाला ढक्कन है
224
गर्म पानी मेंं दवाई डालकर उसकी भाप से किया जाने वाला सेक है
225
घी, तेल आदि रखने का ऊँट के चमड़े का एक बर्तन विशेष है