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201
‘श्रीनाथजी’ की प्रतिमा राजस्थान में लाई गई
उत्तर
मुगल शासक औरंगजेब के समय
202
कबीर, धन्नाजी और पीपाजी शिष्य रहे
203
कालबेलिया जाति अपना गुरु मानती है
204
कृष्ण भक्ति ‘सखी सम्प्रदाय’ का प्रवर्तन किया
205
गरीबदासजी व मिस्कीनदास जी का दादू से था
206
गारेखनाथ के शिष्य थे
207
घुनिया जाति के थे
208
जंभसागर एवं जम्भ संहिता ग्रंथ संबंधित है
उत्तर
विश्नोई संप्रदाय से
209
जंभेश्वर जी की वाणी को कहा जाता है
उत्तर
गुरुवाणी, सबदवाणी, वेदवाणी
210
जसनाथजी संप्रदाय के विरक्त संत कहलाते हैं
211
जसनाथी सम्प्रदाय के अनुयायी उपासना करते हैं
212
जाल वृक्ष और मोर पंख को पवित्र मानते हैं
उत्तर
जसनाथी सम्प्रदाय के अनुयायी
213
डीडवाना के पास ‘तीखी डूंगरी’ पर कठिन तपस्या कर निरंजनी संप्रदाय चलाने वाले संत थे
214
दर्जी समुदाय अपना आराध्य मानता है
215
दादू सम्प्रदाय की मुख्य पीठ स्थित है
216
दादूजी के स्थान को कहते हैं
217
नाथ सम्प्रदाय के केन्द्रीय मठ की स्थापना हुई थी
218
नाथ सम्प्रदाय के प्रवर्तक थे
219
नाथ सम्प्रदाय से संबंधित है
220
नाथपंथ के महान संत हैं
221
निम्बार्क संप्रदाय के साधुओं को कहा जाता है
222
पीपा परचई, पीपा चरित और पीपा की कथा, ग्रंथ संबंधित हैं
223
मनाया जाने वाला फूलडोल उत्सव संबंधित है
उत्तर
रामस्नेही संप्रदाय से
224
मेवाड़ के हारीत ऋषि सम्प्रदाय के थे
225
राजस्थान के वे सन्त जो राजस्थान छोड़कर बनारस गए और रामानंद के शिष्य बन गए