← सभी विषय और टॉपिक

राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : लोक देवता, लोक देवियाँ, संत एवं सम्प्रदाय

269 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

पेज 9 / 11
201

‘श्रीनाथजी’ की प्रतिमा राजस्थान में लाई गई

202

कबीर, धन्नाजी और पीपाजी शिष्य रहे

203

कालबेलिया जाति अपना गुरु मानती है

204

कृष्ण भक्ति ‘सखी सम्प्रदाय’ का प्रवर्तन किया

205

गरीबदासजी व मिस्कीनदास जी का दादू से था

206

गारेखनाथ के शिष्य थे

207

घुनिया जाति के थे

208

जंभसागर एवं जम्भ संहिता ग्रंथ संबंधित है

209

जंभेश्वर जी की वाणी को कहा जाता है

210

जसनाथजी संप्रदाय के विरक्त संत कहलाते हैं

211

जसनाथी सम्प्रदाय के अनुयायी उपासना करते हैं

212

जाल वृक्ष और मोर पंख को पवित्र मानते हैं

213

डीडवाना के पास ‘तीखी डूंगरी’ पर कठिन तपस्या कर निरंजनी संप्रदाय चलाने वाले संत थे

214

दर्जी समुदाय अपना आराध्य मानता है

215

दादू सम्प्रदाय की मुख्य पीठ स्थित है

216

दादूजी के स्थान को कहते हैं

217

नाथ सम्प्रदाय के केन्द्रीय मठ की स्थापना हुई थी

218

नाथ सम्प्रदाय के प्रवर्तक थे

219

नाथ सम्प्रदाय से संबंधित है

220

नाथपंथ के महान संत हैं

221

निम्बार्क संप्रदाय के साधुओं को कहा जाता है

222

पीपा परचई, पीपा चरित और पीपा की कथा, ग्रंथ संबंधित हैं

223

मनाया जाने वाला फूलडोल उत्सव संबंधित है

224

मेवाड़ के हारीत ऋषि सम्प्रदाय के थे

225

राजस्थान के वे सन्त जो राजस्थान छोड़कर बनारस गए और रामानंद के शिष्य बन गए